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Sunday, November 23, 2014

Jain Paryushan Mahavir Swami Halardu Song

पर्युषण महापर्वमा महावीर जन्म वांचनना दिवसे जेओ प्रतिक्रमणमाँ हालरडु बोलवाना होय तेओ माटे खास  चरम तिर्थाधिपती श्रमण भगवान महावीरनु हालरडु। माता त्रिशला ज़ुलावे पुत्र पारणे...., गावे हालो हालो हालरवाना गीत, सोना-रुपाने वळी रतने जडियु पारणु... रेशम दोरी घुघरी वागे छुम छुम रित...  हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....1 जिनजी पार्श्व प्रभुथी वरश अढीसे अंतरे, होंसे चोविसमो तीर्थंकर जिन परिमाण, केशी स्वामी मुखथी एवी वाणी सांभळी, साची साची हुई ते म्हारे अमृत वाण..... हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....2 चौदे स्वप्ने होवे चक्रि के जिनराज, वित्या बारे चक्री नही हवे चक्रिराज, जिनजी पार्श्व प्रभुना श्री केशी गणधार, तेहने वचने जाण्या चोविसमा जिनराज, हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....3 म्हारी कुखे आव्या त्रण भुवन शिरताज, म्हारी कुखे आव्या तारण तरण जहाज, म्हारी कुखे आव्या संघ तीरथनी लाज, हु तो पुण्य पनोती इंद्राणी थई आज, हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....4 मुजने दोहलो उपन्यो बेसु गज अंबाडिये, सिंहासन पर बेसु चामर छत्र धराय, ते सहु लक्षण मुजने नंदन त्हारा तेजना, ते दिन संभारुने आनंद अंग न माय, हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....5 करतल पगतल लक्षण एक हजार ने आठ छे, तेहथी निश्चय जाण्या जिनवर श्री जगदीश, नंदन जमणी जांघे लांछन सिंह बिराजतो, में तो पहेले स्वप्ने दिठो विसवावीस, हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....6 नंदन नवला बांधव नंदिवर्धनना तमे, नंदन भोजाईओना दियर छो सुकुमाल, हससे भोजाईओ कही दियर म्हारा लाडका, हससे रमशेने वळी चुंटी खणशे गाल, हससे रमशेने वळी ठुंसा देशे गाल, हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....7 नंदन नवला चेडा राजाना भाणेज छो, नंदन नवला पांचसे मामीना भाणेज छो, नंदन मामलियाना भाणेजा सुकुमाल, हससे हाथे उच्छाळी कही नाना भाणेजडा, आंख्यु आंजीने वळी टपकु करशे गाल, हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....8 नंदन मामा मामी लावशे टोपी अंगला, रतने जडिया जालर मोती कसबी कोर, निला पिलाने वळी राता सर्वे जाती ना, पहेरावशे मामी म्हारा नंद किशोर, हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....9 नंदन मामा मामी सुखलडी बहु लावशे, नंदन गजुवे भरशे लाडु मोती चूर, नंदन मुखड़ा जोईने लेशे मामी भामणा, नंदन मामी कहेशे जीवो सुख भरपूर, हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....10 नंदन नवला चेडा राजानी साते सती, म्हारी भत्रीजी ने बहेन तमारी नंद, ते पण गजुवे भरवा लाखण श्याही लावशे, तुमने जोई जोई होशे अधिको परमानंद, हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....11 रमवा काजे लावशे लाख टकानो घुघरो, वळी सुडा मेना पोपटने गजराज, सारस कोयल हंस तितरने वळी मोरजी, मामी लावशे रमवा नंद तमारे काज, हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....12 छप्पन कुमरी अमरी जळ कळशे न्हवराविया, नंदन तमने अमने केली घरनी मांही, फुलनी वृष्टि किधी योजन एकने मांडले, बहु चिरंजीवो आशीष दिधी तुमने त्यांही, हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....13 तमने मेरूगिरी पर सुरपति ऐ न्हवरावीया, निरखी निरखी हरखी सुकृत लाभ कमाय, मुखड़ा ऊपर वारु कोटि कोटि चंद्रमा, वळी तन पर वारु ग्रहगणनो समुदाय, हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....14 नंदन नवला भणवा निशाळे पण मुकशु, गज पर अंबाड़ी बेसाड़ी म्होटे साज, पसली भरशु श्रीफळ फोफळ नागर वेलशु, सुखलडी लेशु निशाळीयाने काज, हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....15 नंदन नवला म्होटा थाशोने परणावशु, वर-वहु सरखी जोड़ी लावशु राजकुमार  सरखे सरखा वेवाई वेवणने पधरावशु, वर-वहु पोंखी लेशु जोई जोईने देदार, हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....16 पियर सासर म्हारा बेऊ पख नंदन उजळा, म्हारी कुखे आव्या तात पनोता नंद, म्हारे आंगण वुठ्या अमृत दुधे महुला, म्हारे आंगण फळीया सुर तरु सुखना कंद, हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....17 ऐणी परे गायु माता त्रिशला सूतनु हालरू, जे कोई गाशे लेशे पुत्र तणा साम्राजय, बिलिमोरा नगरे वर्णव्यू श्री वीरनु हालरु, जय जय मंगल होजो दीप विजय कविराज, हालो हालो हालो हालो म्हारा नंदने रे.....18 गावो अने सीखो अने शिखवाडो जय जय त्रिशला नंदन

Jain Paryushan

What PARYUSHAN means...? 👉 PARYUSHAN means... 🔸Festival of self friendship and realisation of soul. Festival of sacrifice, penance & endurance. Festival of soul purification & self search, time to keep aside the post, wealth & prestige & be with the God. The time to forget & forgiveness make the enemy a friend & increase the LOVE and KINDNESS. 1⃣st - Day of Paryusan: The day of making the mind & soul pure and concentrate in VITRAAG. 2⃣nd - Day of Paryushan: On this day with the help of our sweet & kind speech spread the fragrance of inspiring virtues & constructive activities. Donate with free hand & become a KING. 3⃣rd - Day of Paryushan: To make the Mind (soul) & Body Pure and pious with the self of sacrifice & penance. Self control & self-friendship is also PRACTICE. Meditation for enlightment. 4⃣th - Day of Paryushan: Rare occasion of gaining AATM-LAXMI. 5⃣th - Day of Paryushan: The day of "KALPASUTRA" sacred document of Jainism. On this day Bhagwan Mahavira's birth is celebrated with special CELEBRATIONS, A part of which is the auction of 14 items, dreams of by the Lords mother Trishala Devi, while she was carrying him. 6⃣th - Day of Paryushan: 'SWAN' floating in the MANSAROVAR of Jain Empire (Religion SHASAN) 7⃣th - Day of Paryushan: Day of Divine message of Tolerance & POWER of endurance. 8⃣th - Day of Paryushan: 'SANVATSARI': The Day of the grand 'GATE WAY' of 🙏 "SALVATION"( MOKSHA) MICHHAMIDUKADDAM